जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया है,व्हाइट हाउस पर मंडराया खतरा, ट्रंप ने कहा हिंसा…

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वॉशिंगटन: अमेरिका में अश्वेत अमेरिकी जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया है। नागरिकों की मौतों को लेकर अमेरिका के 24 से अधिक शहरों में विरोध प्रदर्शन जारी है। वाशिंगटन के व्हाइट हाउस के बाहर हजारों की हड़ताल विरोध तेज होने के साथ ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को बंकर में जाकर छिपना पड़ा। साथ ही राजधानी वाशिंगटन में रात 11 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू का ऐलान किया गया है।

व्हाइट हाउस के पास उग्र प्रदर्शनकारियों ने आग लगा दी। इसके बाद उन्होंने पुलिस के साथ जमकर धक्कामुक्की भी की। व्हाइट हाउस के पास लगातार तीन दिन से प्रदर्शन हो रहा है। व्हाइट हाउस के बाहर हालात बिगड़ने के बाद सुरक्षा अधिकारी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अंडरग्राउंड बंकर में करीब एक घंटे तक रखा गया था ।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अलग-अलग शहरों में जारी हिंसा पर देश के वामपंथ को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा कि दंगाई निर्दोष लोगों को डरा रहे हैं। ट्रंप ने आरोप लगाया कि वामपंथी नौकरियों को नष्ट कर रहे हैं, बिजनेस को नुकसान पहुंचा रहे हैं और बिल्डिंग्स में आग रहे हैं।

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ट्रंप ने ट्वीट कर कहा कि नेशनल गार्ड को मिनियापोलिस में हालात को काबू में करने के लिए उतार दिया गया है जो डेमोक्रेटिक पार्टी के मेयर नहीं कर सके। इनका दो दिन पहले ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए था । अब कोई और नुकसान नहीं होगा।

ट्रंप ने हिंसा के पीछे वामपंथी संगठनों को जिम्मेदार बताया है जिन्हें आमतौर पर Antifa कहा जाता है। दरअसल, अमेरिका में फासीवाद के विरोधी लोगों को Antifa (anti-fascists) कहा जाता है। अमेरिका में Antifa आंदोलन उग्रवादी, वामपंथी और फासीवादी विरोधी आंदोलन के लिए प्रयोग किया जाता है। इस आंदोलन से जुड़े लोग आमतौर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हैं, रैलियां करते हैं और सरकार के खिलाफ खड़े रहते हैं।

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