शाहीन बाग प्रदर्शन के आयोजक का विवादस्पद बयान,देशद्रोह का केस हुआ दर्ज़

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पिछले करीब डेढ़ महीने से दिल्ली के शाहीन बाग में खासकर मुस्लिम महिलाओं द्वारा नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन चल रहा हे। मणिशंकर एयर, शशि थरूर जैसे कई जाने मने नेता इस प्रदर्शन में अपना भाषण दे चुके हैं। हाल ही में दिल्ली सरकार में नंबर दो माने जाने वाले मनीष सिसोदिया ने इन प्रदर्शनकारियों को अपना समर्थन दिया हे।

हलाकि यह प्रदर्शन अब तक लगभग शांतिपूर्ण रहा हे लेकिन कई सारे ऐसे वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हैं जिसके वजह से यह प्रदर्शन काफी विवादों में रहा हे। कभी छोटे छोटे बच्चे प्रधानमंत्री की हत्या की बात करते हैं तो कभी मंच से ” जिन्नाह वाले आजादी ” के नारे लग रहे हैं। दिल्ली के आम जनता को भी इन प्रदर्शनकारियों द्वारा रास्ता रोके जेने के कारण ट्रैफिक की काफी समस्या हो रही हे।

इस दौरान आज शाहीन बाग प्रोटेस्ट के आयोजक शरजील इमाम ने बहुत ही विवादस्पद बयान दिया हे। बोलते बोलते वो यह कह गए की अगर पांच लाख मुसलमान इक्कठे होकर प्रदर्शन करें तो हम असम समेत पुरे नार्थ ईस्ट को भारत से अलग कर देंगे। इसके बाद ही यह सरकार हमारी बातें सुनेगी। आप को यहाँ पे बता दें की नार्थ ईस्ट में नागरिकता संशोधन बिल का काफी विरोध हो रहा हे क्यों की वो इसको अपनी संस्कृति के लिए खतरा मान रहे हैं। वैसे तो शाहीन वाग और नार्थ ईस्ट के लोग दोनों ही CAA के विरोध में हैं, पर दोनों के मांग और मकसद अलग अलग हैं। शाहीन वाग के प्रदर्शनकारियों का मानना हे की यह कानून देश के धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ हे जबकि नार्थ ईस्ट के लोग इसको अपने सांस्कृतिक वजूद के लिए खतरा मानते हैं। इसका फायदा उठाते हुए शाहीन बाग के आयोजक ने नार्थ ईस्ट को इस देश से अलग करने के लिए देश के मुसलमानों से अपील की हे।

शाजील इमाम के इस बयान के बाद असम की सरकार के अर्थमंत्री ने प्रेसवार्ता में कहा की असम सरकार उनके खिलाफ अदालत में केस दर्ज करेगी। इसके साथ साथ उत्तर प्रदेश सरकार ने भी उनके ऊपर देशद्रोह के मुकद्दमा दायर करलिया हे। हलाकि शाहीन बाग के आधिकारिक ट्वीटर हैंडल ने इस पर सफाई देते हुए कहा की शाहीन वाग का आंदोलन किसीके भी नेतृत्व में नहीं हो रहा। इसकी अगुवाई वहां की महिलाएं कर रहीं हैं। इसके साथ साथ शरजील के बयान से भी पल्ला झाड़ लिया गया।

पहले से ही विवादों के चलते अपने विस्वसनीयता खो रही शाहीन बाग का आंदोलन में अगर इस तरह के निरंतर विवादस्पद बयान आते रहेंगे तो यह दिन दूर नहीं जब यह पूरी तरह से अपनी विस्वसनीयता खो देगी और कभी अपने असल मकसद को पूरा नहीं कर पायेगी। पर इन सभी घटनाओं का सीधा सीधा फायदा भाजपा को मिलेगी; इसमें किसीको शंका नहीं होनी चाहिए।

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