राजस्थान में IPS अधिकारी मनीष अग्रवाल को इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने किया गिरफ्तार

जयपुर : राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की नाराजगी ने पूरे राज्य में कोहराम मचा दिया। भ्रष्टाचार मामले में एक और अधिकारी को गिरफ्तार किया गया है। एसीबी (ACB) ने साल 2010 बैच के आईपीएस (IPS) अफ़सर मनीष अग्रवाल को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया है। उन पर दौसा ज़िले में पुलिस अधीक्षक रहते हुए रिश्वत मांगने का आरोप है। उन्हें 24 घंटे के भीतर निलंबित कर दिया जाएगा।

दौसा एसडीएम पुष्कर मित्तल 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था। एसडीएम पिंकी मीणा को 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगते हुए गिरफ्तार किया गया था। मामले के संबंध में दो अधिकारीको गिरफ्तार करने के बाद एक पेट्रोल पम्प के मालिक नीरज मीणा को भी 13 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था। नीरज मीणा दौसा में राष्ट्रीय राजमार्ग का काम करने वाले ठेकेदारों से चार लाख रुपए मासिक बंधी वसूल रहा था। मीणा इन ठेकेदारों को उनके ख़िलाफ़ दर्ज मामलों को रफ़ा दफ़ा करने की एवज में ये बंधी वसूल रहा था।

दलाल रिश्वत में कुल 38 लाख रुपये की मांग करता पाया गया था। नीरज के कहने के अनुसार, निर्माण कंपनी के एक प्रतिनिधि ने प्रति माह 4 लाख रुपये का भुगतान करने का वादा किया था। केस को बंद करने के लिए दस लाख रुपये की मांग की गई थी। नतीजतन, निरज मीणा ने 38 लाख रुपये की रिश्वत की वसूली कर चुका है। सात दिन की रिमांड के बाद निराज को जेल भेज दिया गया।

बताया गया है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने इस मामले में तत्कालीन एसपी से रिश्वत मांगने वाले नीरज को गिरफ्तार किया था। एसीबी में दर्ज मामले में मनीष अग्रवाल का भी नाम था। प्राथमिक जांच के दौरान एसीबी ने मनीष अग्रवाल का मोबाइल फोन जब्त कर लिया था। लेकिन तब उनसे पूछताछ या गिरफ्तारी नहीं की गई थी। एसीबी ने मंगलवार को मनीष अग्रवाल को गिरफ्तार किया।

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