देखिये और जानिए शनि के साढ़े सती और ढैय्या के प्रभाव सन २०५० तक सभी राशियों पर !

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प्रत्येक मनुष्य की राशि में शनि का प्रवेश होना ही होता है शनि सभी १२ राशियों में प्रवेश अवश्य करते है कभी ढैय्या कभी साढ़े सती के रूप में मनुष्य की राशि में भ्रमण करते है शनि की गति बहुत धीमी होती है शनि किसी भी राशि में प्रेवश करने के पश्चात् ढाई साल उस राशि में भ्रमण करते है शनि एक राशि में ढाई साल व्यतीत करने के हिसाब से बारह राशियों में भ्रमण करने में उनको तीस वर्षो का समय लगता है जैसे अभी किसी राशि में शनि विराजमान है तो उसी राशि में आने में उनको तीस वर्षो का समय लगेगा शनि के राशि परिवर्तन के पश्चात् शनि की साढ़े सती प्रारम्भ होती है।

शनि के किसी एक राशि में प्रवेश करने पर इसका प्रभाव आस पास की सात राशियों पर पड़ता है जिनमे से तीन राशियों पर शनि की साढ़े सती की दशा चालू होती है और दो राशियों पर शनि की ढय्या की दशा लगती है और अतिरिक्त दो राशियों पर शनि की दृष्टि बानी हुई रहती है साहनी अतयंत धीमी गति से किसी भी राशि में विचरण करते है अगर शनि किसी एक राशि में प्रवेश करते है तो उस राशि में ढाई साल के बाद ही अपना राशि परिवर्तन करते है तथा जिस राशि में शनि प्रवेश केर चुके होते है उस राशि के आगे पिछले वाली राशि पर भी शनि का प्रभाव बना रहता है शनि पहले दूसरे और बारहवे भाव से चंद्र से निकलते है तो उस समयावधि को साढ़े सती कहा जाता है फिर शनि जैसे जैसे किसी राशि में आगे बढ़ते है तो शनि की साढ़े सती का समय कम होता जाता है ।आईये अब जानते है शनि की सभी बारह राशियों पर स्थति और उसके प्रभाव ।

मेष राशि : मेष राशि के व्यक्तियो के लिए शनि देव दशम भाव में गोचर केर रहे है जिससे शशांक योग बनता है जो की श्रेष्ठ फम देने वाला योग है इसमें शनि अपनी ही राशि में गोचर केर रहे है जिसके चलते मेष राशि वालो को नए रोजगार और नौकरी के अवसर मिलेंगे विदेश जाने के भी योग्य अवसर बन रहे है तथा जमीन खरीदने के और किसी व्यापर में धन निवेश का भी संयोग बन रहा है मेष राशि वालो को २९ मार्च २०५ को साढ़े सती लग रही है जो की मई २०३२ में समाप्त होगी और जुलाई २०३४ से अगस्त २०३६ तक ढय्या लगेगी ।

वृष राशि : वृष राशि में शनि नोवे भाव में चांदी के पाए पर होकर गोचर कर रहा है जो की इस राशि में भाग्यशाली है और इस राशि में चल रही शनि की ढय्या भी समाप्त होगी जिससे जीवन में आरही बाधाएं भी समाप्त होगी वृष राशि वाले मनुष्यो के लिए आने वाला समय शुभ है और धनलाभ में वृद्धि होगी
वृष राशि वालो के जून २०२७ से जुलाई २०३४ तक साढ़े सती आने की पूरी सम्भावना है और २०३६ से २०३८ तक शनि की ढय्या लगी रहेगी।

मिथुन राशि : शनि के मकर राशि में गोचर से मिथुन राशि वालो को शनि की ढय्या प्रारंभ हो जाएगी इस राशि में आठवे भाव में शनि के भृमण करने पर मिश्रित फम की प्राप्ति होगी क्यों की ढय्या के लगते ही इस राशि वालो के जीवन में उतर चढ़ाव आएंगे इसलिए कोई भी नया काम शुरू करने से पहले सावधानी बरतें और नौकरी में भी दिक्कत आएगी चुनौतियों से पूर्ण रहेगा ये ढय्या का समय तो सोच समझ क्र कार्य करें
२०२९ से २०३६ तक साढ़े सती रहेगी और २०२०से २०२२ तक शनि की ढय्या का समय रहेगा।

कर्क राशि : आपकी राशि में शनि मिला जुला असर करेंगे इस राशि में सातवें भाव में शनि भ्रमण करेंगे और ये समय आपकी परीक्षा का समय भी होगा और व्यापर की दृष्टि से उचित भी होगा शनि कर्क राशि में मध्ये में विचरण करेंगे तो शशांक योग भी बनने के संयोग है जिसके चलते आपको शनि द्वारा लाभ होगा परन्तु दूसरे जो योग बन रहे है उस वजह से कोई भी काम करना सुगम नहीं होगा परन्तु इस वर्ष से ज़्यादा अगले वर्ष उन्नति होगी २०३२ से २०३८ तक आपकी राशि में साढ़े सती योग है और २०२२ से २०२५ तक आपकी राशि में शनि की ढय्या रहेगी।

सिंह राशि : आपकी राशि में शनि का योग अत्याधिक उचित परिणाम देने वाला है आपकी राशि में शनि छठे भाव में विचरण कर रहे है और छठे, तीसरे और ग्याहवे भाव में यदि शनि विचरण कर रहे हो किसी की कुंडली में तो वो सभी अनिष्ट का दमन करके उसके जीवन को उच्च स्थान प्राप्त करवाते है २०३४ से २०४१ तक आपकी राशि में शनि की साढ़े सती रहेगी और २०२५ से २०२७ तक शनि की ढय्या आपकी राशि में प्रारम्भ होगी।

कन्या राशि : इस राशि में अब तक शनि की ढय्या चल रही है जो की अब शनि के मकर राशि में प्रेवश करते से ही समाप्त होगी और ढय्या समाप्ति के साथ ही आपके जीवन में शुभ परिणाम आने लगेंगे आपका अगर कोई व्यवसाय है तो उसमे उन्नति होगी और अगर आप नौकरी पेशा है तो आपको आय में लाभ होगा और कीर्ति की प्राप्ति होगी आने वाले समय में २०३६ से २०४३ तक अब आपको शनि की साढ़े सती लगेगी और २०२७ से २०२९ तक आपको शनि की ढय्या का फिर सामना करना पड़ेगा ।

तुला राशि : शनि का मकर राशि में भृमण करना तुला राशि में शनि की ढय्या का प्रारम्भ होना है वैसे तुला राशि पर शनि की विशेष कृपा रहती है परन्तु इस राशि में शनि की ढय्या प्रारम्भ होने से इस राशि वालो की पेरशानिया बढ़ जाएगी जीवन के कामो में बाधाएं उत्त्पन्न होंगी और स्वास्थ्य सम्बंधित समस्या पैदा होगी और मुसीबतो का सामना करना पड़ेगा आपकी राशि में साढ़े सती २०३८ से २०४६ तक रहेगी और २०२०से २०२२ तक शनि की ढय्या रहेगी।

वृश्चिक राशि : जनवरी माह में शनि मकर राशि में प्रेवश करेगा तब इस राशि के जातको को शनि की साढ़े सती से मुक्ति मिल जायगी शनि के दूसरी राशि में प्रेवश से ही इस राशि के मनुष्यो को परेशानियों से निजात मिलेगी और आपके जीवन में सुख समृद्धि आएगी जिन कामो में आपको पहले से रूकावट आरही थी अब वो सब काम बिना रुके पूर्ण हो जायेगे भाग्य साथ होगा नौकरी और व्यवसाय करने वाले जातको को शुभ परिणाम प्राप्त होंगे इसके बाद जिस आने वाले समय पर आपको शनि देव का सामना करना पड़ेगा वो समय इस प्रकार है २०४१ से २०४९ तक साढ़े सती और २०३२ से ३०३४ तक शनि की ढय्या रहेगी।

धनु राशि : मकर राशि में जब शनि प्रेवश करेंगे वो समय धनु राशि वालो के लिए साढ़े सती का अंतिम चरण होगा उसके पश्चात् आपको जन- धन में सफलता मिलेगी और जो भी काम काज में विपत्ति आरही है वो सामप्त होगी और सुविधाओं का लाभ मिलेगा | शनि की साढ़े सती का प्रभाव खतम हो जायेगा अब आने वाले समय में आपकी राशि में शनि की साढ़े सती २०४३ से २०४९ तक रहेगी और २०२५ से २०२७ तक ढय्या रहेगी।

मकर राशि : इस वर्ष शनि ३० वर्षो के पश्चात् मकर राशि में प्रवेश कर रहे है मकर राशि शनि देव की स्वयं की राशि है शनि के मेकर राशि में आने के बाद साढ़े सती का काल फिर से शुरू हो जायगा जिससे रुकावट अधिक आएगी कार्य की प्रगति में दबाव बढ़ेगा बहुत से काम में विलम्ब होगा व्यापर में हानि होगी इच्छा अनुसार फल की प्राप्ति नहीं हो पायेगी शनि का द्वितीय कल घातक सिद्ध होने के आसार रहेंगे शनि की साढ़े सती २०१७ से २०२५ तक रहेगी और शनि की ढय्या २०३६ से २०३८ तक रहेगी।

कुंभ राशि : कुंभ राशि पर भी शनि की साढ़े सती का प्रभाव रहेगा इस पर शनि की साढ़े सती का प्रथम चरण होगा जिससे परेशानी बढ़ने लगेगी कार्यो में सफलता नहीं मिलेगी इस राशि के जातको के लिए साढ़े सती का समय २०२०से २०२७ जून तक रहेगा और शनि की ढय्या का समय २०३८ से २०४१ तक रहने की सम्भावना है।

मीन राशि : इस राशि वाले कुंडली में शनि की शुभ दृष्टि बानी रहती है मकर राशि में शनि के भ्रमण के कारण इस राशि के मनुष्य को लाभ प्राप्त होगा उनको उनके कार्यो में सफलता मिलेगी और जो भी बाधाएं आरही थी वो सब सामप्त होंगी और शुभ प्रभाव पड़ेगा इस राशि वालो के २०२२ से २०२९ तक शनि की साढ़े सती रहेगी और २०४१ से २०४३ तक शनी की ढय्या रहेगी।

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